आयुष्मान सहकार योजना : सम्पूर्ण विवरण

आयुष्मान सहकार योजना : सम्पूर्ण विवरण

केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को पूरा करने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने 10,000 करोड़ रूपये की निधि को मंजूर करते हुए “आयुष्मान सहकार योजना” की शुरुआत की.
माननीय प्रधामंत्री महोदय ने 15 अगस्त 2020 को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन प्रारंभ किया है। यह भारत के   स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नई क्रांति लाएगा और प्रोद्योगिकी की सहायता से उपचार प्राप्त करने में होने वाली समस्याओं को कम करने में मदद करेगा।
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आयुष्मान सहकार

समग्र स्वास्थ्य सुविधा अवसंरचना, शिक्षा एवं सेवाओं हेतु सहकारी समितियों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए एनसीडीसी की योजना।
राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी)

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) भारत सरकार के द्वारा संसदीय अधिनियम 1963 के अंतर्गत स्थापित एक शीर्ष स्तरीय सांविधिक संस्थान है। इसका गठन उत्पादन, प्रसंस्करण, विपणन, भण्डारण, कृषि उत्पाद के निर्यात और आयात, खाद्यपदार्थों, औद्योगिक वस्तुओं, पशुधन, कुछ अन्य वस्तुओं और सेवाओं जैसे अस्पताल, स्वास्थ्य सेवा तथा शिक्षा आदि के लिए सहकारिता के सिद्धांतों पर योजना बनाने और उनको बढ़ावा देने के उद्येश्य से किया गया है। एनसीडीसी सहकारी समितियों को तीनो ही स्तर, प्राथमिक, जिला और सर्वोच्च /बहु-राज्य, पर वित्तीय सहायता प्रदान करता है। एनसीडीसी भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत है।
एनसीडीसी ग्राहक सहकारी समितियों को उत्पादों और सेवाओं की एक विस्तृत श्रृंखला देने वाले वित्तीय पॉवरहाउस के रूप में उभरा है। यह एक आईएसओ 9001 : 2015 अनुपालक संगठन है।
एनसीडीसी अपने 18 क्षेत्रीय कार्यालयों या नयी दिल्ली में अपने प्रधान कार्यालय के माध्यम से मूल्याकन और अनुमोदन की एक सरल, पारदर्शी और मजबूत प्रणाली का अनुसरण करता है। यह सहकारी समितियों के लिए सर्वाधिक वांछित वित्तीय संस्थान है।
आयुष्मान सहकार

एनसीडीसी द्वारा की गयी सहायता के साथ सहकारी समितियों द्वारा संचालित प्राथमिक, माध्यमिक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवा संस्थान सफलतापूर्वक लोगों की सेवा कर रहे हैं।

उद्येश्य
माननीय प्रधानमंत्री महोदय ने 15 अगस्त 2020 को राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य मिशन प्रारंभ किया है। यह भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक नयी क्रांति लाएगा और प्रोद्योगिकी की सहायता से उपचार प्राप्त करने में होने वाली समस्याओं को कम करने में मदद करेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति 2017 पर ध्यान केन्द्रित करते हुए, अपने सभी आयामों में स्वास्थ्य प्रणालियों को आकार देने के उद्येश्य से स्वास्थ्य में निवेश, स्वास्थ्य सेवाओं के संगठन, क्रॉससेक्टोरल क्रियाओं के माध्यम से रोगों की रोकथाम और अच्छे स्वास्थ्य को बढ़ावा देने, प्रोद्योगिकियों तक पहुँच, मानवसंसाधन का विकास करने, चिकित्सा बहुलवाद को प्रोत्साहित करने, ज्ञान का आधार तैयार करने, बेहतर वित्तीय सुरक्षा, रणनीति विकसित करने, विनियमन और स्वास्थ्य आश्वासन को मजबूत करने और सभी को सस्ती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने के लिए, एक व्यापक दृष्टिकोण की आवश्यकता है – अस्पतालों, स्वास्थ्य सेवा, चिकित्सा शिक्षा, नर्सिंग शिक्षा, पैरामेडिकल शिक्षा, स्वास्थ्य बीमा और समग्र स्वास्थ्य प्रणालियों जैसे कि आयुष के साथ एकीकरण पर केन्द्रित है। यह देखा गया है कि ऋण सहायता में कमी के चलते, कई सहकारी अस्पतालों में मेडिकल शिक्षा के नए पहलुओं को शुरू करने में कठिनाई होती है, जिसमे एमबीबीएस, बीडीएस, बीएएमएस, बीएचएमएस, बीपीटी और बीयूएमएस के साथ-साथ पीजी/डीएनबी कार्यक्रम भी शामिल हैं। तदनुसार, एनसीडीसी ने आयुष्मान सहकार योजना शुरू की है। इस योजना का उद्येश्य है- 
क) सहकारी समितियों द्वारा अस्पतालों/स्वास्थ्य सेवा/शिक्षा सुविधाओं के माध्यम से सस्ती और समग्र स्वास्थ्य सेवाओं के प्रावधान की सहायता करना,
ख) सहकारी समितियों द्वारा आयुष सुविधाओं को बढ़ावा देना, 
ग) राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के उद्येश्यों को पूरा करने में सहकारी समितियों की सहायता करना 
घ) राष्ट्रीय डिजिटल हेल्थ मिशन में सहकारी समितियों की सहायता करना,
च) सहकारी समितियों की सहायता के लिए शिक्षा, सेवा, बीमा और गतिविधियों से सम्बंधित व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना।
“राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति एक स्वस्थ भारत बनाने के लिए हमारे प्रयास में एक एतिहासिक क्षण को चिन्हित करती है जहाँ हर किसी के पास गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा है” 
श्री नरेन्द्र मोदी, माननीय प्रधानमंत्री

आयुष्मान सहकार के अंतर्गत सम्मिलित की गई गतिविधियाँ 
1. अवसंरचना: अस्पताल के निर्माण, आधुनिकीकरण, विस्तार, मरम्मत, स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा के बुनियादी ढाँचे के नवीनीकरण के लिए निम्नलिखित को सम्मिलित करते हुए:
क) सभी प्रकार के बुनियादी ढाँचे के लिए:
i) अस्पताल या मेडिकल/आयुष/दन्त चिकित्सा/नर्सिंग/फार्मेसी/पैरामेडिकल/फिजियोथेरेपी कॉलेजों में स्नातक और या /स्नातकोत्तर कार्यक्रम चलाने के लिए, 
ii) योग कल्याण केंद्र:
iii) आयुर्वेद, एलोपैथी, यूनानी, सिद्ध, होमिओपैथी अन्य पारंपरिक चिकित्सा स्वास्थ्य केंद्र, 
iv) बुजुर्गों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं,
v) उपशामक देखभाल सेवाएं,
vi) विकलांग व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं,
vii) मानसिक स्वास्थ्य देखभाल,
viii) आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं और आघात केंद्र,
ix) फिजियोथेरेपी सेण्टर,
x) मोबाइल क्लिनिक सेवाएं,
xi) हेल्थ क्लब और जिम,
xii) आयुष फार्मास्युटिकल विनिर्माण,
xiii) औषधि परिक्षण प्रयोगशाला, 
xiv) डेंटल केयर सेण्टर,
xv) नेत्र देखभाल केंद्र,
xvi) प्रयोगशाला सेवाएं
xvii) डायग्नोस्टिक्स (निदान) सेवाएं,
xviii) ब्लड बैंक/रक्ताधान सेवाएं,
xix) पंचकर्म / थोक्कनम / क्षार सूत्र चिकित्सा केंद्र,
xx) यूनानी चिकित्सा पद्धति की रेजिमेंटल थेरेपी (इलाज बिल तदबीर),
xxi) मातृ एवं शिशु देखभाल सेवाएं, 
xxii) प्रजनन और बाल स्वास्थ्य सेवाएं,
xxiii) किसी भी अन्य सम्बंधित केंद्र या सेवाओं को एनसीडीसी द्वारा सहायता के लिए उपयुक्त माना जा सकता है।
ख) टेलीमेडिसिन और दूरस्थ सहायक चिकित्सा प्रक्रिया,
ग) रसद स्वास्थ्य, स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा,
घ) डिजिटल स्वास्थ्य से सम्बंधित सूचना और संचार प्रोद्योगिकी,
च) भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आई.आर.डी.ए.) द्वारा मान्यता प्राप्त स्वास्थ्य बीमा।
2) उपर्युक्त पैर में उल्लिखित के सम्बन्ध में दिन-प्रतिदिन के संचालन के लिए आवश्यक कार्यशील पूंजी जुटाने के लिए मार्जिन मनी।
3) दिन-प्रतिदिन कार्यों के लिए कार्यशील पूंजी।
योग्यता

कोई भी सहकारी समिति जो देश में किसी भी राज्य/बहु-राज्य सहकारी समिति अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत हो, जिन के उपनियमों में स्वस्थ्य – सेवा/अस्पताल/स्वास्थ्य-शिक्षा से सम्बंधित सेवाएं शुरू करने के उपयुक्त प्रावधान के साथ योजना के अंतर्गत दिशानिर्देशों की पूर्ति की दशा में वित्तीय सहायता की पात्र होगी।
एनसीडीसी सहायता या तो राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासनों के माध्यम से या सीधे सहकारिताओं को प्रदान की जाएगी, जो एनसीडीसी प्रत्यक्ष वित्त पोषण के दिशा निर्देशों के मानदंडों – को पूरा करती है।
भारत सरकार / राज्य सरकार / अन्य वित्त पोषण एजेंसियों की अन्य योजनाओं या कार्यक्रमों के साथ संघटन में काम करने की अनुमति है।
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